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"अहम त्यागी हरि लभेत" का अर्थ है "मैं त्यागी होकर हरि को प्राप्त करता हूँ" या "मैंने अहंकार को छोड़कर हरि की प्राप्ति की है"।

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  अहम त्यागी हरि लभेत: आत्मा की समर्पण में आनंद की प्राप्ति Introduction: जीवन में आनंद और समृद्धि की कीमत को समझने का एक अद्वितीय मार्ग है "अहम त्यागी हरि लभेत"। इसमें हमें यह सिखाया जाता है कि जब हम अपने अहंकार और स्वार्थ को त्यागते हैं, तो हम भगवान के प्रति समर्पण में सफल हो सकते हैं। आइए इस अद्वितीय विचार को गहराई से समझते हैं और इसे अपने जीवन में कैसे अंमोल बना सकते हैं। Understanding "अहम त्यागी हरि लभेत": "अहम त्यागी हरि लभेत" शब्दों का अर्थ है कि जब हम अपने आत्मा को भगवान के साथ समर्पित करते हैं, तो हम असली आनंद और समृद्धि को प्राप्त कर सकते हैं। इसमें हमारे अहंकार और स्वार्थ को त्यागने का सिद्धांत है जो हमें आत्मिक उन्नति की दिशा में मार्गदर्शन करता है। The Essence of Surrender: आत्म-समर्पण का मूल सिद्धांत है अपने अहंकार और स्वार्थ को छोड़ना। यह भगवान के साथ आत्मिक संबंध की शुरुआत करने का एक उत्कृष्ट तरीका है। इसके माध्यम से हम आत्मा की अद्वितीयता को महसूस करते हैं और असली आनंद को पहचानते हैं। Spiritual Journey and Selflessness: आत्म-समर्पण का मार

Krishna Re O Krishna

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  कृष्णा रे ओ कृष्णा: एक अद्वितीय प्रेम कथा भूमिका: भगवान कृष्ण और उनकी प्रिय राधा की प्रेम कहानी वेदों और पुराणों में सुनी जाती है। इस लेख में, हम आपको कृष्ण और राधा के प्रेम के रहस्यमय और मनोहर क्षणों के बारे में बताएंगे, जो आपको भी उनकी अद्वितीय दुनिया में खींच लेंगे। कृष्ण और राधा का प्रेम: कृष्ण रासरास के नायक हैं और राधा हैं उनकी अद्वितीय प्रिया। इन दोनों के बीच का प्रेम केवल भक्ति नहीं, बल्कि अनंत प्रेम का प्रतीक है। कृष्ण रासलीला के दौरान गोपियों के साथ नृत्य करते हैं, और इसी समय उनका प्रेम राधा के साथ अपूर्वता से चमकता है। कृष्णा राधा के प्रेम का रहस्य: इस प्रेम कहानी का रहस्य बहुत गहरा है और इसमें भक्ति, समर्पण, और प्रेम के भाव हैं। कृष्ण और राधा का मिलन गोलोकधाम के आलौकिक सौंदर्य का एक अंश है जो हमारे जीवन को आध्यात्मिकता की ऊंचाइयों तक ले जाता है। इन दोनों के प्रेम की भावना भक्ति मार्ग की प्रेरणा स्रोत है जो हमें दिव्यता की ओर आकर्षित करती है। भगवान कृष्ण के लीलाएं: कृष्ण के अनगिनत लीलाएं उनके दिव्य और मोहक स्वभाव को प्रकट करती हैं। उनकी मुरली की मधुर धुन सुनकर ही सभी भक